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शनिवार, 4 जनवरी 2014

नागपुरी कविता - आसमान में है भगवान परवरदिगार , हमरे सब पर है ऊकर नज़र - अशोक "प्रवृद्ध"

नागपुरी कविता -
आसमान में है भगवान परवरदिगार , हमरे सब पर है ऊकर नज़र
अशोक "प्रवृद्ध"

जे आऊर मनके देवेना उपदेश , आपने कर शकल देईख लेवों तनी ।
धर्म कर नाव (नाम) में  फैलायनां , सग्रे धर्मान्धता कर जहर ।।

आसमान में है भगवान परवरदिगार , हमरे सब पर है ऊकर नज़र,
छुईप सकेला नहीं पाप-कर्म, छुईप सकेला हत्या अगर ।।

दुष्कर्म, काला-बाज़ार, हत्या, धोखा-धड़ी आऊर देशद्रोह,
कब-कईसन मिल जाई सज़ा, हमरे के  होवी नी खबर ।।

उक्र लाठी में आवाज नखे , समय पर चोट करेला ,
सहायेला नहीं सुई कर चुभल , कैसे झेलब ऊकर कहर ।।

शुक्रवार, 13 दिसंबर 2013

नागपुरी कविता - ईश्वर राउरेहें दया करू , राउर बिन हामर के है ? - अशोक "प्रवृद्ध"

नागपुरी कविता - ईश्वर राउरेहें दया करू , राउर बिन हामर के है ?
अशोक "प्रवृद्ध"

ईश्वर राउरेहें दया करू , राउर बिन हामर के है ?
दुर्बलता दीनता हरू , राउर बिन हामर के है ??
माता राउरेहें , राउरेहें पिता,बन्धु राउरेहें , राउरेहें सखा ।
राउरेहें हामर आसरा , राउर बिन हामर के है ??
जग के बनाय वाला राउरे , दुखड़ा मिटाय वाला राउरे।
बिगड़ी बनाय वाला राउरे , राउर बिन हामर के है ? ?
राउर दया कर सामने कोनो नखे हमके खबर ।
जऊ तो जऊ हम कने , राउर बिन हामर के है ??
राउर भजन राउरेहें सजन राउरेहें कर धुन राउरे लगन ।
राउरे शरण हामर है केवल सखा राउर बिन हामर के है ??
राउरेहें कर हम धरीला ध्यान राउरेहें से पावीला प्राण हम।
हईर लेऊ तिमिर अज्ञान के  राउर बिन हामर के है ??





शनिवार, 5 अक्टूबर 2013

नागपुरी प्रार्थना - धरती वन्दना - अशोक "प्रवृद्ध"


                      नागपुरी प्रार्थना -    धरती वंदना
                               अशोक "प्रवृद्ध"

मोंय बंदत हौं दिन-रात वो ,मोर धरती मईया,
जय होवोक तोर, मोर छईयां ,भुइंया जय होवोक तोर ।
राजा-परजा ,देवी-देवता तोर कोरा में आवैन,
जईसन सेवा करेन तोर उ मन तईसन फल पावैन।
तोर महिमा कतई बखान करोन ओ मोर धरती मईया ,
जय होवोक तोर , मोर छईयां भुइयां , जय होवोक तोर !

अर्थात -हे धरती माता !
 मै दिन-रात तेरी वन्दना करता हूँ ।
 हे मुझे शीतल छाया देने वाली भूमि !
तेरी जय हो !
राजा-प्रजा , देवी-देवता , तेरी गोद में
आए और जैसी सेवा की , वैसा ही फल पाया . हे धरती माता !
तेरी महिमा का मैं कितना बखान करूं !