कुकुर भगाओ अभियान
-अशोक “प्रवृद्ध”
छउवा मन के देखत रहयं मास्टर-मास्टरीन,
आब स्कूल कर कुकुर मन के भी देखबयं दिन-रात-दीन!
पढ़ाय-लिखाय कर चिंता आब दूर होवी,
गुरुजी मन कर ड्यूटी आब कड़ा जरूर होवी!
स्कूल में जैसे ही कोनो कुकुर ढुकी,
मास्टर साहेब कर पढ़ाई उहे ठिन रुकी!
गोड़ में लाठी धरबयं आउर पाछे दौड़बयं,
स्कूल कर क्लास छोड़ के कुकुर मन के खेदबयं!
मास्टरनी दीदी तुरंतै फोन लगाबयं,
ग्राम पंचायत आउर नगर निगम के खबर सुनावयं!
"ए हो साहब! स्कूल में कुकुर घुस गेलक भारी,
आऊर हमर पढ़ाई कर गाड़ी आब जेल गेलक सारी!"
वाह रे झारखंड कर अजब सरकारी फरमान,
मास्टर मन के बनाय देलइ कुकुर कर रखवान!
शिक्षा कर स्तर आब कहाँ जाई भगवान,
कुकुर भगाए में ही बीत जाई पूरा विहान!
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